शनिकाये (SMALL MESSAGES)
(१)
जिन्दगी
मकढ़ी हें जाले हें
औरो को फंसा कर
खुद निकलने को बेचेन हें
(२)
रकीबो की दुनिया मै करीबी ढूढ़ता हें
गमो की दुनिया मै ख़ुशी ढूढ़ता हें
कितना नादान हें तू मुरदो की दुनिया मै
जिन्दगी ढूढ़ता हें II
(3)
हर हंसी ख़ुशी का आइना नहीं होती
अक्सर गम भुलाने को भी हंसा करते हें लोग
(४)
(१)
जिन्दगी
मकढ़ी हें जाले हें
औरो को फंसा कर
खुद निकलने को बेचेन हें
(२)
रकीबो की दुनिया मै करीबी ढूढ़ता हें
गमो की दुनिया मै ख़ुशी ढूढ़ता हें
कितना नादान हें तू मुरदो की दुनिया मै
जिन्दगी ढूढ़ता हें II
(3)
हर हंसी ख़ुशी का आइना नहीं होती
अक्सर गम भुलाने को भी हंसा करते हें लोग
(४)
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